सोशल मीडिया की भसड़ – अ बावरे बंजारे पर्सपेक्टिव | बिंदास भड़ास

आपको बेवकूफ़ बनाया जा रहा है – आपके समय, आपके अटेंशन को कितना हल्के में लिया जा रहा है ये भी सोचिए। और ये भी सोचिए कि अगर ऐसा ही रहा तो आपके सामने से आपकी कहानियां ग़ायब हो जाएंगी और एक विकृत, डिस्टॉर्टेड मानसिकता जो आज हमारी सच्चाई बन गई है, उसकी आग इन कहानियों में आपके हीरो बनने के अधिकार को लील जाएगी।

Bawray Banjaray on Hampta Pass Trek

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | भाग – 11

कोरोना के होने से पहले ही हमने क्वारंटाइन लाइफ कैसी होती है, इसका टीज़र देख लिया था. हमें तब पता नहीं था कि इसे ‘क्वारंटाइन होना’ कहेंगे। हमप्ता के बालू घेरा बेस कैंप पर पचपन घंटे बारिश में फंसने के बाद अपना झोला उठाकर वापिस मनाली के लिए निकल लिए।

Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय |भाग – 10

“भाईजी, सामने पहाड़ की वो चोटी देख रहे हैं, वो न जाने कितनी सदियों से यहां है! पहाड़ पार करने वाले कितने लोग आते-जाते रहे हैं, पर ये पहाड़, ये चोटियां, कहीं नहीं गई हैं. ये यहीं रहे हैं,और यहीं रहेंगे. मेरी सलाह लें तो आप अगली बार फिर आना, थोड़ा जल्दी, और कामना करके आना कि उस बार मौसम कि कृपा आप पर रहे और आप हमप्ता की यात्रा पूरी कर पाएं.” — ‘सार’ के ये भारी शब्द कहते हुए चंद्रा भाई ने हमें बालू घेरा से वापस रुख़सत किया.

Streets of Jodhpur

जोधपुर में एक दिन – शाही समोसे, मिर्ची बड़े और जोधपुर किले की ठसक (पार्ट 1)

से तो सर्दियों की सुबह थी पर दिल्ली और हिमाचल की ठंड भोग चुके अपन लौंडों को जोधपुर की ठंड में एकदम कोज़ी कोज़ी लग रहा था! पढ़िए जोधपुर में एक दिन का Thursday Throwback

Notification to register drones in India

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की नई नोटिफ़िकेशन, ड्रोन्स रजिस्टर करना हुआ मेंडटरी

याद रखने वाली बात ये है कि इस डेडलाइन के अलावा अभी कोई और इनफार्मेशन नहीं है। 31 जनवरी 2020 के बाद आप अपने ड्रोन्स रजिस्टर कर सकते हैं या नहीं, इसकी जानकारी हमें अभी नहीं मिली। तो बस, यही सब बात है। आज हम भी अपने उड़नखटोले रजिस्टर कर लेंगे। आप भी देख लो, आपको कब करना है।

Bawray Banjaray Camps

कैम्पिंग इन हर्सिल – एक बेहतरीन कैंपिंग स्पॉट का जुगाड़

बस, यही है अपना सीक्रेट अड्डा – बागोरी की ओर जाने वाले मेन रोड से राइट होकर कुछ 300 मीटर दूर। कैम्प सेट करिए, आग के लिए बेहिसाब लकड़ी, और नहाने धोने के लिए बढ़िया साफ पानी – कैम्प करने के लिए और क्या चाहिए? अगर आपको कुछ ‘और’ पूछना या जानना है, तो कमेंट्स में पूछ लीजिए।

balu ka ghera campsite during hampta pass trek

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 9

यहां से अपने को सामने वो पहाड़ दिख रहा था जिसके पार जाना था. मन तो था कि बिना रुके निकल लें, शाम को सीधा लाहौल, छतरू पहुंचे और वहीं रात बिताकर अगले दिन काजा से आती पहली बस में बैठकर ही मनाली पहुंच जाएंगे। पर अपने साथ दो पंटर और थे, उनको ये प्लान थोड़ा कम सूट करता। इस करके हमने यहीं रुकने का मन बना लिया और अपना टेंट यहीं रॉकी भाईजी की दूकान के करीब गाड़ दिए. अब इंतज़ार बस अगली सुबह का था, और फिर अपन लोग हमप्ता के उस पार होंगे।

A goor is the messangers of

क्या जीसस और हिमालय के एंशिएंट ट्राइब्स रिलेटेड हैं?

इंटर कल्चरल कम्पेरिज़न्स में इस तरह की मिलती जुलती बातें सामने आना कोई नई बात नहीं है। एक जिज्ञासु होने के नाते वैसे भी हम सबके मन मे ऐसे बहुत से सवाल उठते रहते हैं। यह भी अभी एक नया विचार है, एक ऐसा विचार, जिससे रैडिकल सोच वाले लोगों को असहमति भी हो सकती है। लेकिन, यह हिमालय और अन्य संस्कृतियों के डिफरेंट आस्पेक्ट्स की स्टडीज़ को एक अलग डायरेक्शन दे सकता है। नड़ और गूर कम्युनिटी के बारे मे ऐसी कई बातें हैं जिनपर अगर गौर किया जाए, तो हमें अपनी हिस्ट्री और कल्चर से जुड़े बहुत से सवालों के जवाब मिल सकते हैं। बस हमें यह ध्यान रखना होगा कि हिमालय की इन ट्रेडिशंस को रेस्पेक्टफुली प्रिज़र्व किया जाए।

The Border Race

इस विजय दिवस जैसलमेर में The Border का हिस्सा बनिए!

अभी तक तो हमें भी इतना ही पता है. बाकी, आईडिया ये है कि रेस, लोंगेवाला बॉर्डर, वॉर मेमोरिअल्स देखा जाएगा! जैसलमेर शहर और किले भी घूमने जाएंगे। वापस आकर आपको कहानी सुनाएंगे और फिल्म भी दिखाएंगे – The Border की.

अयोध्या काण्ड – ल लद्दाख की कहानी (पार्ट 4)

कार्निवाल शायद धीरे धीरे सीप इन कर रहा था। ऐसा लग रहा था कि अब तक जो कुछ सीखा है, जितना जाना है और जितना आता है – सब कुछ इस ट्रिप के लिए ही है. अपने रामायण में भी तो दोनों भाईयों की लर्निंग्स को अयोध्या काण्ड में ही टेस्ट किया गया है. क्या ये हमारी ट्रिप का अयोध्या काण्ड चल रहा था?

Icy roads of Winter Spiti

विंटर में स्पीति ट्रिप – A Bawray Banjaray Guide

स्पीति वैली के लोगों की लाइफ तो मुश्किल है ही, ट्रैवेलर्स के लिए यहाँ पहुँचना उससे भी ज़्यादा डिफ़ीकल्ट है, ख़ास कर के सर्दियों में। जब नवंबर दिसंबर में बर्फ पड़ना शुरू होती है और रोहतांग के साथ साथ कुंजुम ला भी बंद हो जाता है, सर्दियों में स्पीति पहुंचने का सिर्फ एक रास्ता रह जाता है! हिंदुस्तान-तिब्बत हाईवे पर सतलुज नदी का पीछा करते हुए किन्नौर से आगे निकल कर स्पीति और सतलुज के संगम पर सतलुज छोड़ के स्पीति के साथ हो लेने वाला ये रास्ता ही विंटर स्पीति एक्सपेडिशन्स की मार्केट चलाता है.

Daria at Kishansar Lake

Kashmir Great Lakes Trek : A Bawray Banjaray Guide

लास्ट मंडे जाते जाते हमने आपको Kashmir Great Lakes की ideal itinerary दी थी। वैसे तो कुछ भी करने का सबका अपना अपना तरीका और ताम झाम होता है, फिर भी किसी और के एक्सपीरियंस से अगर कुछ सीखने को मिल रहा हो तो सीखने में कोई हर्ज़ नहीं करना चाहिए। बताने को तो काफी है, जैसे आपको क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए और यह भी बता सकते हैं कि हमने क्या किया था और कैसे किया था। अगर किसी एक चीज़ पर फ़ोकस करेंगे तो दूसरी वाली पीछे रह जाएगी, इसलिए दोनों का एक बैलेंस्ड मिक्स लिखने की कोशिश कर रहे हैं। हम बस इतना कहना चाहते हैं कि जाइए, ज़रुर जाइए पर उस डेस्टिनेशन या ट्रेक की कुछ वाइटल इनफार्मेशन जाने बिना नहीं और कश्मीर के ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए तो इस प्रॉब्लम को हम सॉल्व किये देते हैं अभी।

The temple of Malana Village

मलाणा गाँव – मिथ, पॉपुलिज़्म या बकैती?

अब आप इस गाँव में रात में नहीं रुक सकते – ऑफिशियली! गाँव के शाशन तंत्र ने ऐलान किया है, अपने प्यारे जमलू ऋषि के नाम पर! वैसे ये अच्छा ही है – कुछ तो बकैती कम हुई. धंधा वैसे बराबर ही चल रहा होगा! ऐसी सेंसिटिव जियोग्राफी में इतने सारे लोगों को इतना ज़्यादा टाइम स्पेंड करना कहीं से भी सही नहीं था. टूरिज़्म इंड्यूस्ड कूड़ा भी बढ़ ही रहा था. खैर, आप ही डिसाइड करिए कि ये मिथ है या पॉपुलिज़्म या बकैती!

Jose on Le Ladakh Expedition in MOre Plains with Bawray Banjaray

अयोध्या काण्ड – ल लद्दाख की कहानी (पार्ट 3)

एक अनदेखे, अनकहे और अनसुने गोल की तरफ़ हम निकल पड़े थे। तय यह हुआ था कि जो लीग बाहर वाले परफॉर्मर्स होंगे, उनके खर्चे का कुछ हिस्सा हम उठाएंगे ताकि उनके लिए एक मोटिवेशन भी रहे और कम्फर्ट भी – अब कहाँ पैसे होते हैं अपने इण्डियन आर्टिस्टों के पास। पर पैसे तो हमारे पास भी नहीं थे। और अगर हम किसी और को आर्टिस्ट मन रहे थे तो खुद को क्यों न मानें?

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 7

देखो रास्ता तो वही लोग खोज सकते हैं जो भटके हैं , जिनको भटकने की खबर नहीं उनको मंज़िल से क्या! पिछले दिन मनाली के चक्कर में हम लोग जादुई बालकनी से नीचे उतर आए. नीचे उतर कर भी नज़ारे कम नहीं थे हमारे लिए. ब्यास नदी के किनारे-किनारे वशिष्ठ […]

Joana making a wall painting in India with Bawray Banjaray

Letters To Joanna – हैप्पी बर्थडे डीयर Joanna!

हैप्पी बर्थडे। हम जानते हैं कि तुम यह चिट्ठी पढ़ोगी। तुम्हें हिंदी का अ ब स भी नहीं पता है, तब भी तुम पढ़ोगी। तुम्हारे-हमारे समय में टेक्नोलॉजी जो है! हमारी तुम्हारी भाषा के बीच का अंतर ही खत्म कर दिया। पर समय और स्पेस का अंतर नहीं पाटा जा पाया है। अभी तो मुश्किल ही लगता है यह सोच पाना। तुम्हारे सनराइज़ का टाइम जो अलग है!

Sunrise in Majul by Brahmaputra River

ब्रह्मपुत्र नदी पर तैरते जनजीवन की कहानी – माजुली द्वीप

बहुत से लोग, संस्थाएं और सरकार इसे बचाने की कोशिश में लगे हैं। पर, माजुली को बचाने के लिए अभी तक जितने भी प्रयास किये गए हैं, कुछ ज्यादा सफल नहीं रहे। जरुरत है कि ज्यादा से ज्यादा लोग माजुली पहुँचे और लिखकर, मूवी बनाकर या किसी भी तरीके से माजुली पर मंडराते खतरे के बारे में लोगों को बताएं। सरकार और संस्थाओं के साथ-साथ लोगों का साथ ज्यादा जरुरी है, नहीं तो माजुली नक़्शे से ही गायब हो जाएगा।

Kishansar Vishansar Kashmir Great Lakes Trek

Kashmir Great Lakes Trek : A Bawray Banjaray Guide

जब लिखने बैठे तो शुरुआत में बस दो चार अल्फ़ाज़ इधर उधर कर पाए और एक बार फिर से कश्मीर को धरती का जन्नत कहते कहते रुक से गए। फिर हमें लगा कि आपको वह कश्मीर बताते हैं जिसे न तो ख़ुसरो ने देखा होगा और एक मुग़ल बादशाह के वहां जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। हम बात कर रहे हैं कश्मीर में ट्रेकिंग की — ख़ास तौर पर Kashmir Great Lakes Trek की।

सियाचिन ग्लेशियर – ख़्वाब तो हम Bawray Banjaray भी देखते है!

जब तक सरकार या आर्मी की ओर से कोई ऑफिसियल स्टेटमेंट नहीं आ जाता है तब तक बैठिये, मिल कर सियाचिन ग्लेशियर जाने के सपने देखते हैं. सपने से याद आया के साल्तोरो रिज पर खड़े हो कर कराकोरम रेंज को देखने का सपना तो हम भी देख रहे है. उस दिन का इंतज़ार रहेगा!

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 6

सुबह की शुरुआत तो हमारी जादुई ही होती थी; सामने रोहतांग और नीचे सोलांग-मनाली। पर मनाली में एक ही जगह बैठकर चिल्ल करते हमें दो दिन हो चुके थे. अब हमारे पैरों में खुजली मचने लगी थी.

Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 5

जो हम वशिष्ठ मनाली में कर रहे थे, इसी को हम असल में चिल्ल करना कहते है. अगर जिंदगी का नाम घूमते-रहना है, तो इसे जीने का मतलब और स्वाद तो खाने में ही है. खाना जशन है जिंदगी का. पर हम कितना चिल्ल कर सकते हैं, कितना जशन मना सकते हैं, यह तो हमें खुद नहीं पता था!

Kanchan SIrohi at Bhrigu Lake

भृगु, भसूड़ी और ट्रेकिंग का रोमांच!

हमें इस ट्रेक से जो समझ आया, वो ये था कि हमारी ज़िंदगी भी तो किसी ट्रेक की तरह ही है। मंज़िल तक पहुँचाने के लिए वो हमें तरह-तरह की मुश्किलों से मिलवाते हुए चलती है, पर आपको बस चलते रहने होता है। हर मुश्किल के साथ कुछ न कुछ सीखने को भी होता है। अगर आप मुश्किलों से हार न मान कर डटे रहते हैं तो मंज़िल तक ज़रूर पहुंचते हैं। किसी को प्यार में चाहना ही शिद्दत नहीं होता, शिद्दत हर उस चीज़ में होती है जो आपको ख़ुश करती है! तो, ऐसे काम ज़रूर करने चाहिए जो आपको अंदर से ख़ुश करें। ट्रैव्लिंग उनमें से एक है।

सियाचिन ग्लेशियर – दुनिया के सबसे ऊँचे बैटल फ़ील्ड में टूरिज़्म के फ़ायदे और नुकसान

जो सियाचिन देखने के सपने देखते थे, उनसे लेकर जो बस सियाचिन को देश प्रेम झाड़ने का ज़रिया मानते हैं, उन तक — कल शाम से सियाचिन जाने के कितने सपने सजते चले गए. साथ ही, हर मुद्दे और पहल पर डिबेट करने का राष्ट्रीय रोज़गार भी शुरू हो गया – कितना सही है, कितना गलत है से लेकर ग्लोबल वार्मिंग के असर तक – इतना ज्ञान पेला जा रहा है कि हमने सोचा कि चलो थोड़ा पढ़ा जाए और जाना जाए कि आखिर सीन है क्या सियाचिन का. तो सबसे पहले ये पता किया गया कि सियाचिन है क्या, कहाँ है, क्यों है और फिर ये सारा बवाल समझ आया. तो जो हमारी समझ में आया, वही आपसे शेयर कर रहे हैं।

Balcony of Bawaray Banjaray home Vashisht

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 4

घूमने का नाम है जिंदगी और जिंदगी जीने का नाम है खाना! इसी चिल्ल के चलते मनाली ट्रिप पर दावते इश्क़ चल रहा था एंड वी वर हाई ऑन फ़ूड.

Bawray Banjaray In Baga Sarahan

Camping At Baga Sarahan Meadow – बारिशों में बागा का स्वाद!

भूख लगी थी तो खाने का जुगाड़ करने के लिए बाहर निकलना पड़ा. तब तक बारिश भी थोड़ी मंदी हो चुकी थी. जिन भाई जी ने टेंट लगाने की जगह दी थी उनके घर पर साथ लाई गई मैगी बनवाई और तुरंत खा-पीकर टेंट में सेट हो गए. टेंट पर पड़ती हल्की बूँदों की पट-पट में कब नींद आयी याद नहीं है. अगले दिन सुबह जब बाहर निकलकर देखा तो सीन ये था।

Homestays In Himalaya | Part 1 | Bawray Banjaray Exclusive

कुछ रोज़ पहले बातल वाले चाचा चाची और हमारी कुछ बातें आप लोगों के साथ शेयर की थी। उन के साथ एक फोटो भी है जिसमें हम और चाचा चाची साथ में है। उस फोटो को देख के पता नहीं कैसे पर विनुता जोरापुर एकदम सही पकड़ लिए, कि जब […]

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट – 3

पहाड़ सुकून हैं कि जूनून, यह जानने हम मनाली से आगे निकल लिए! भाईलोग, बात सीधी-सी है, हम से एक जगह ज्यादा देर नहीं टिका जाता. पहाड़ों में आकर तो खासकर ऐसा होता है. वैसे भी, पहाड़ों में घूमने से कब किसका दिल भरा है. Lagom स्टे से हमारी 15 अगस्त […]

Birds eye view of the shangarh meadow

Snowline Homestay Shangadh – यहाँ से शांघड ग्राउंड का बर्ड्स आई व्यू दिखता है!

घुमक्कड़ी की दुनिया में सैंज वैली आज किसी पहचान का मोहताज़ नहीं है. साल के हर वीकेंड पर आपको यहाँ टूरिस्ट मिल जाएंगे. आज से दो साल पहले एक समय था जब सैंज आने के लिए हमें घंटों इंटरनेट पर खुदाई करनी पड़ी थी. रहने के लिए रोपा में एक फॉरेस्ट रेस्ट हाउस और घूमने के लिए GHNP का पूरा जंगल. कुछ तीन सालों में आज आलम ये है कि हर गाँव में आपको होमस्टे और कैंपिंग की सुविधा मिल जाएगी. ऐसे में हमने सोचा कि सैंज के हॉटस्पॉट शांघड में आपको एक ऐसे होमस्टे का पता बताएं जहाँ इतनी ऊंचाई पर आप सभी बेसिक एमेनिटीज एक ट्रेडिशनल हिमाचली होमस्टे का एक्सपीरियंस ले सकते हैं.

Ashutosh Verma in Turtuk

A Reader’s Travelogue To Ladakh | प्रकृति का एक खूबसूरत तोहफ़ा – लेह, लद्दाख

करीब दो महीने पहले मैंने फैसला लिया कि इस बार लेह-लद्दाख के सफ़र पर जाऊंगा. फ़िल्मों में दिखने वाले लद्दाख के पहाड़ों, झील, नदियों और खूबसूरत रास्तों को अपनी आंखों से देखने की तमन्ना थी. सितंबर में मैंने अपनी ये ख़्वाहिश पूरी की. मैं ये ज़रूर कहूंगा कि लद्दाख की […]

Root Bridge of Meghalaya

Trek To The Double Decker Living Root Bridges Of Meghalaya – 6000 सीढ़ियों वाली ट्रेक

वंडरलस्टर्स की बकेट लिस्ट्स में मेघालय अचानक से फेमस हो गया! बस पिछले तीन साल का टूरिस्ट काउंट और मेघालय के ऊपर बनाया गया कॉन्टेंट काउंट ही कम्पेयर किया जाए तो आपको इसका पता चल जाता है कि नार्थ ईस्ट इंडिया is a the new cool! इस ट्रेंड को सेट […]

Bawray Banjaray Team in Sainj Valley

बाल काण्ड – Le Ladakh शुरू होने से ठीक पहले तक

Le Ladakh: ये कहानी है एक किस्से की! हमारे आपके समय से कोसों दूर, दुनिया से अलग एक दुनिया बसती है. यहाँ समय घड़ी को मोहताज़ नहीं है. स्थिर है. मानों ध्यान लगाए बैठा है. या शायद किसी सफर में है. इस किस्से का सफर एक अनंत की यात्रा है. ये किस्सा एक कहानी का है. पढ़िए बाल काण्ड का दूसरा पार्ट !

View from the Lagom Homestay in Manali

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट 2

ट्रिप की प्लानिंग स्टेज में ही हमारी शुरुआत सर्प्राइज़ के साथ हुई। अभी तो पहाड़ पहुंचे ही थे। हफ़्ते भर की यात्रा तो अभी होनी थी, और एक हफ़्ते की ट्रिप में कितने ‘सर्प्राइज़’ हो सकते हैं — हम फिर कह रहे हैं, आपको, हमको, किसी को नहीं पता। हफ़्ते का ट्रैवल आपको बहुत कुछ दिखा सकता है। पढ़िए, ट्रिप मनाली कैसे पहुँच गई? पार्ट 3 पढ़िए!

Gandhi से बड़ा ट्रेवल इन्फ्लुएंसर कोई नहीं!

उदाहरण, इंस्पिरेशन, लर्निंग – सब बापू ही हैं!150वां हैप्पी बर्थडे है आज! देसी ट्रैकिंग स्टिक लेकर पूरा इंडिया ट्रेक किएला है भाई बाप ने! और घूम घूम कर ही, क्या उधम मचाया! गांधी की यात्राओं में आपको सेल्फ़ एस्टीम का टूटना, बेसिक सवाल पूछना, गलत और सही को नई समझ देना, एक इन्फ्लुएंसर होना और ऐसी कई चीज़ें मिल जाएंगी जो अपनी यात्राओं पर हम आप भी एक्सपीरियंस करते हैं.
हमारे लिए तो बापू #travelgoals में आते हैं.
घूमो तो ऐसा घूमो!

monastery in bagori village near harshil

Bagori Village – उत्तराखंड की हर्षिल घाटी में बसा एक आदर्श ग्राम

“असली भारत गाँवों में बसता है।” – महात्मा गांधी  ध्यान से सोच कर देखें तो गांधी जी का यह कथन कई मायनों में हमको उन सवालों के जवाब दे सकता है, जिनको हम सभी समझने की आशा रखते हैं। सवाल कि आख़िर ‘भारत क्या है’, ‘ये कहां बसता है’, ‘इसकी […]

Tribes of Himalaya

देव भूमि हिमाचल के देवता – सामुदायिक रहन सहन का सबसे बेहतरीन धार्मिक उदहारण

मज़ेदार ये है कि ये सभी देवता अपने गावों में ज़िंदा ऋषियों की तरह पूजे जाते हैं. मतलब अपने फॉलोवर्स के लिए ये देवता सोने, जागने, खाने, नाचने और हमारी आपकी तरह नेचर को एन्जॉय करने जैसे सारे काम करते हैं. ये गुस्सा भी होते हैं, नाराज़ भी होते हैं और कभी कभी तो भक्त अपने देवताओं से परिहास भी करते हैं.

Le LAdakh Trailor Launch Credits

Le Ladakh – Trailer 1 Out On World Tourism Day

लर बनाते बनाते हमने पिछले 3 हफ़्तों में आपके साथ कुछ टीज़र्स शेयर किया है, अपने YouTube चैनल पर. क्योंकि ये ट्रेलर अलग अलग दिन और अलग अलग चीज़ों की स्नीक पीक है, तो हमें लगा कि ट्रेलर आने से पहले आपको एक बार ये टीज़र्स एक जगह दिखा दें. देखिए और कुछ ठीक-ठाक लगे तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब ज़रूर कीजिएगा.

People of Turtuk

तुरतुक वाला Bawray Banjaray होम : असद भाईजान की हवेली

तुरतुक में अपना एक घर है, वैसे तो असद भाई का घर है पर अब उसका छोटा सा हिस्सा उन्होंने हमें चिल्ल करने को दिया है और हमने उसे अपना बना लिया. तो खारदुंग ला की बर्फ़ से बच के निकल कर दिस्कित वाले बुद्धा जी को दूर से सलाम मारते हुए हम पहुँच गए थे सीधा तुरतुक. तुरतुक वैसे तो एक छोटा सा गाँव है, पर है कतई खूबसूरत.

Sunset in Rewadi

Nainsukhpura, Rewari – घंटे भर में दिल्ली की भसड़ से दूर, एक मैदानी गांव का सुकून

देसा म्ह देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा। सीधे-साधे लोग, सिंपल लिविंग और साफ़-सुथरा खाना – हरियाणा को सीधे तौर पर जानने के लिए इतना समझ लेना काफी है. पूरे तरीके से एक्सपीरियंस करना भी मुश्किल बात नहीं, दिल्ली के बराबर में जो हैं. दुनिया भर की पैसेंजर ट्रेनें हैं, […]

Chacha Chachi With BAwray Banjaray

Chaacha – Chaachi Of Spiti Valley | बोध दोरजी और उनकी धर्मपत्नी चंद्रा

हम बात कर रहे हैं बातल के चंद्रा ढाबा के मालिक और स्पिति जाने वाले यायावरों के चहेते – चाचा बोध दोरजी और उनकी धर्मपत्नी चंद्रा की। हम 4 लोगों ने मिल के खूब अंडे और परांठे पेले थे। मतलब समझो कि कुछ 2 घंटे से हम खा ही रहे थे। हाँ, पर साथ-साथ चाचा – चाची से बातचीत भी चल रही थी.

Cloud play at manali

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | पार्ट 1

ट्रिप की प्लानिंग स्टेज में ही हमारी शुरुआत सर्प्राइज़ के साथ हुई। अभी तो पहाड़ पहुंचे ही थे। हफ़्ते भर की यात्रा तो अभी होनी थी, और एक हफ़्ते की ट्रिप में कितने ‘सर्प्राइज़’ हो सकते हैं — हम फिर कह रहे हैं, आपको, हमको, किसी को नहीं पता। हफ़्ते का ट्रैवल आपको बहुत कुछ दिखा सकता है। पढ़िए, ट्रिप मनाली कैसे पहुँच गई?

Diyaugi Village near baga Sarahn

डियाउगी गाँव – बागा सराहन के पास एक ऐसा गाँव जहाँ पांडवों का लगाया पेड़ आज भी खड़ा है!

दुनिया की सबसे अद्भुत जगहों में अगर हिमालय को सबसे पहले नंबर पर रखा जाए तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए। इससे ज़्यादा विशाल, विचित्र और महिमा-मई जगह शायद ही आपको दुनिया में कहीं मिलेगी। पर हिमालय सिर्फ़ अपने आकार की वजह से हिमालय नहीं कहलाता और ना ही तो इसके आयाम सिर्फ़ दिखावे तक सीमित हैं। हिमालय तो सदियों से यहाँ रह रहे लाखों-करोड़ों लोगों का वो विश्वास है जो यहाँ की कहानियों में बसता है, दिखता है।

Tanot Mata Temple

तनोट माता मंदिर, जैसलमेर – बॉर्डर फ़िल्म वाले चमत्कारी मंदिर की कहानी

सन 1965 और 71 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मंदिर के आस पास पाकिस्तानी फ़ौज द्वारा गिराए गए बम नहीं फटे थे. ये बम आज भी मंदिर के साथ बने संग्रहालय में रखे है. बमों के ना फटने का कारण देवी का चमत्कार बताया जाता है. यह हो भी सकता है. पर हम तो कहेंगे की बम पाकिस्तानी थे — फ़ुस्स ही होंगे न.
जानिए इस मंदिर के बारे में और भी बहुत कुछ!

BAwray Banjaray camps in Sohra

Camping In Sohra – आपके सामने रात की रहनुमाई में एक दूसरा देश दिखेगा

आपका जाना हुआ, तो आप यहाँ टेंट लगा सकते हैं – दूर से ही आपको बांग्लादेश व्यू पॉइंट का बोर्ड दिख जाएगा. ध्यान रहे कि यह कोई डेजिग्नटेड जगह नहीं है कैंपिंग के लिए, तो हो सकता है कि कभी प्रशासन आकर आपको यहाँ से जाने के लिए कहे.

Bawray Banjaray in Ladakh

बाल काण्ड – ये कहानी है एक क़िस्से की

ये कहानी है एक किस्से की! भारत के उत्तर में, हिमालय के पश्चिम की. हमारे आपके समय से कोसों दूर, दुनिया से अलग एक दुनिया बसती है. यहाँ समय घड़ी को मोहताज़ नहीं है. स्थिर है. मानों ध्यान लगाए बैठा है. या शायद किसी सफर में है. इस किस्से का सफर एक अनंत की यात्रा है. ये किस्सा एक कहानी का है. पढ़िए बाल काण्ड!

Bawray Banjaray on trek to Hampta Pass

15 अगस्त वाली ट्रिप – ट्रिपिंग इन टू द हिल्ज़ ऑफ़ इंडियन हिमालय | प्रस्तावना

ट्रिप से हफ़्ते भर सब दिल्ली वाले ठिकाने पर मिलते हैं। ट्रिप पर निकलने से पहले काग़ज़ों पर ठप्पा लगे, उससे पहले, आकस्मिक ही, नया राग अल्पा जाता है।
ओली — “अबे गुरेज़ वैली चलते हैं, इंडिया पाकिस्तान बॉर्डर पर।’”

bawray Banjaray at Dal Lake in Srinagar

Indian Rivers And Water Bodies We Have Been To – Bawray Banjaray Photo Blog

कुछ 5 TB डेटा में से ये बता पाना कि क्या रखना है क्या नहीं रखना है एक बेहद ही कुतार्किक, बेफ़ज़ूल और दिमाग खराब करने वाली प्रक्रिया है और आजकल हम इस प्रक्रिया से निरंतर गुज़र रहे हैं – गुज़र क्या, बह रहे हैं.

Tea with view in mountains

वशिष्ट वाला अड्डा – एक जादुई बालकनी का पता

चलिए, पहले तो आपको एक अत्यंत सुंदर शाम का एक अद्भुत नज़ारा दिखाते हैं। फिर बताते हैं उस जादुई बाल्कनी का पता जहाँ से बैठकर आप ऐसे जादुई नज़ारों को घंटो टकटकी लगाकर बदलता देख सकते हैं। हम बात कर रहे हैं अपने एक नए अड्डे की।

View from the Gulmarg top

Gulmarg – A Complete Guide To The Meadow Of Flowers In Kashmir Valley

The music soared high with every strum on the guitar and what a morning it could be – birds fluttered around, wind danced to the strums and trees felt pampered. We thanked the nature for all – for mountains, for the Himalayas, for snow, for birds, for trees, for wind, for music, for ourselves – for almost everything that we could. Before we left, we did gather all the info we could about Gulmarg. Here, take a look at things to know about Gulmarg in this Gulmarg Guide before heading up to this snow resort town in Kashmir Valley.

Drone view of Homestay In Manali

Lost In The Himalayas Homestay, Vashisht – यहाँ से पूरा वशिष्ट दिखता है!

कहते है कि दोस्ती इस दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत चीज़ है पर एक बात हम आपको बता देते हैं — आप पहाड़ों में घूमने के मुरीद हों और दोस्त अगर पहाड़ी मिल जाए तो फिर क्या ही कहने! 15 अगस्त वाले वीकेंड पर अपने मनाली ट्रिप के पहले दिन तो हम मिलने चले गए थे Lagom Stay, Manali वाले हर्ष भाई के पास – एक दो दिन में हमप्ता पास चढ़ने का प्लान जो था.

Lagom Stay in Jagatsukh is among the best homestays in Manali

Lagom Stay – मनाली की भसड़ से दूर, बिलकुल घर जैसा होमस्टे

15 अगस्त 2019 के बारिश भरे वीकेंड में इस बार हम बैठे थे  मनाली में. एक तो हमप्ता पास ट्रेक करने का सीन था और ऊपर से Lagom Home Stay, Manali वाले हर्ष भाई साहब का भी बुलावा था. हर्ष शिमला के रहने वाले हैं और आजकल मनाली के जगतसुख […]

Shrikhand Mahadev Yatra by Bawray Banjaray

Shrikhand Mahadev Yatra 2018 | Vlog – Bawray Banjaray At Shrikhand

15 अगस्त वाले वीकेंड पर बागा सराहन और फिर वहाँ से श्रीखंड महादेव जाने का प्लान था अपना। होकर तो आ चुके हैं पर वहाँ से अभी बाहर नहीं निकल पाए हैं। जिसका कभी अंदाज़ा भी न रहा हो वैसा एक्सपीरियंस रहा; जो दिखा वो कल्पना से परे था, जो […]

Bawray Banjaray on trek in the Himalayas

रेस्पोंसिबल ट्रेकिंग – क्या आप एक ज़िम्मेदार ट्रेकर हैं?

बर्फ़ गई और समय आ गया है पिछले साथ-आठ महीनों से बंद पड़े रस्ते, रोड्स, ट्रेल्स और ट्रेक्स के खुलने का. चटक धूप खिली है और सफ़ेद पाउडर का सूरज और चाँद के साथ नैन-मटक्का भी शुरू हो गया है. बर्फ़ भी उम्मीद से ज़्यादा मिली है, सो उसका भी […]

Hikkim Post Office is the Highest Post Office In The World

Things To Know About Hikkim Post Office – The Highest in The World

जो भाई लोग स्पीती होकर आए हैं, वो इस वाले पोस्ट ऑफ़िस को ज़रूर जानते होंगे. देखते ही बता देंगे कि भई हिक्किम है यह तो और जो तस्वीर में है, वह है दुनिया का highest पोस्ट ऑफ़िस – समुद्र तल से 14,567 ft की ऊँचाई पर। जिन्हें नहीं पता […]

Traditional huts as home stays in Majuli

Bawray Banjaray In North East – Live Blog

अपना नार्थ ईस्ट वाली ट्रिप रहा बहुत शानदार – दिल्ली से गुवाहाटी, गुवाहाटी से माजुली, माजुली से हार्नबिल फेस्टिवल, हार्नबिल से आसाम के एक छोटे से कसबे करीमगंज और पघिर वहां से मेघालय – 10 दिन कैसे बीत गए, कुछ पता ही नहीं चला.

Bawray Banjaray On Trek to Srikhand Mahadev

Shrikhand Mahadev Yatra — दर्शन, दर्पण, अर्पण, सम्मोहन, सशक्तिकरण और समर्पण!

कोई श्रद्धा से, कोई शौक से, कोई सनक में या पागलपन में – हर साल हज़ारों लोग अपने -अपने मकसद और अरमान लिए श्रीखंड महादेव की यात्रा के लिए आते हैं. कुछ दर्शन कर पाते हैं, कुछ रह जाते हैं. 2018 में भी कुछ ऐसा ही हुआ – करीब 12 […]

सैंज वैली वाला प्यार – लीलावती काकी और सिंह साहब

घर में बांकी और अनोखी चीजों में शामिल है 1910 के दशक की कटलरी, बीथोवन की Original Pastoral Symphonyऔर एक टाइगर की ममी – इसको असम से लाये थे सिंह साहब. घर में एक और टाइगर हैं — लीलावती काकी. सिंह साहब की दूसरी बीवी. यहीं की हैं, कद्दावर हैं, 70-80 डंगरे और कुछ बीसेक गायें संभालती हैं. खेत खलिहान भी हैं, वो भी यही देखती हैं. तारा सिंह जी- पहली बीवी और लीलावती काकी दोनों यहीं रहती हैं, साथ में.