Tea with view in mountains

वशिष्ट वाला अड्डा – एक जादुई बालकनी का पता

चलिए, पहले तो आपको एक अत्यंत सुंदर शाम का एक अद्भुत नज़ारा दिखाते हैं। फिर बताते हैं उस जादुई बाल्कनी का पता जहाँ से बैठकर आप ऐसे जादुई नज़ारों को घंटो टकटकी लगाकर बदलता देख सकते हैं। हम बात कर रहे हैं अपने एक नए अड्डे की।

looking over the balcony
जादुई बालकनी

वशिष्ट में, शिव मंदिर से दाहिने तरफ़ मुड़कर ऊपर चढ़ जाओ थोड़ा, थोड़ी सी चढ़ाई है कुछ दस-एक मिनट की। फिर ठीक सेबों के खेतों के बीच आपको एक पहाड़ी घर दिखेगा, लकड़ी का। बस वहीं, वहीं है ये ठिकाना और ये बाल्कनी।

vashisht temple
वशिष्ट मंदिर

रेस्पोंसिबल ट्रेकिंग – क्या आप एक ज़िम्मेदार ट्रेकर हैं?

Drone view of Homestay In Manali
घर

घर के अंदर से बाहर देखेंगे तो आपकी बाईं आँख के नीचे आपको ओल्ड मनाली और नया मनाली दिखेगा। तो दाहिने तरफ़ घूमने पर रोहतांग चोटी का नज़ारा आपको अचंभित कर देगा। अचंभित क्या आकर्षित कहिए। इसलिए कि माउंटेन पास पर मौसम लगभग हमेशा ही ऐक्टिव-सा रहता है। बादल बनने-बिगड़ने की निरंतर प्रक्रिया देखने को मिलती है।

Panoramic view of Manali
मनाली के नज़ारे, बालकनी से

क्या आपको पता है कि हिक्किम वाले पोस्ट ऑफिस में आज तक एक ही पोस्टमॉस्टर की भर्ती हुई है?

नज़ारा हमेशा ही सुभान अल्लाह नज़र आता है। यहां बैठो तो आते-जाते बादल भी हेल्लो-हाय करते निकलते हैं और चमत्कारी नज़ारे — वो भी नित नए घटते हैं। निरंतर बदलते नज़ारों और लगातार चलती चाय के सिवा और चाहिए ही क्या, बताओ। इसी ‘बाल्कनी विद द व्यू’ के चलते हमारा इस जगह से ‘लव ऐट फ़र्स्ट साइट’ हो गया।

view of vashisht village from balcony
वशिष्ट गाँव, जैसा बालकनी से दिखता है

इस बाल्कनी के एक कोने में तो अपना जमावड़ा है। हम तो बाहर ही पड़े रहते हैं। मगर आपके लिए रूम का प्रबंध है। बाकी बाल्कनी भी अपनी ही समझो, हमारा कोना छोड़कर। 😝

balcony of bawray banjaray home vashisht
बालकनी में हमारा कोना

भटकते-भटकते अगली बार मनाली आओ, तो वशिष्ट ज़रूर आओ। जगह क़ातिल है और ये वाला अड्डा भी एकदम धमाका। यहां चाय लेकर बैठेंगे तो चाय की हर चुस्की के साथ आपका मन रोहतांग के नज़ारों की ओर खिंचता चला जाएगा। आँख नहीं झपक पाएँगे और बस इस बाल्कनी से चिपके रहना ही हो पाएगा।

Balcony of Bawaray Banjaray home Vashisht
बालकनी से दाईं ओर के नज़ारे

रुकने का एकदम सस्ता और सुथरा प्रबंध है। किचन ओपन है सबके लिए। आप आइए, खाना बनाइए, खाइए, खिलाइए और नज़ारों का ख़ूब लुत्फ़ उठाइए।

Kitchen of Homestay in Vashisht
घर का किचन

और हाँ, इधर खाना बनाने, खाने और खिलाने में ऊँच-नीच, जात-पात, रंग-भेद वाले मसलों का इस्तेमाल नहीं होता, सब एकसाथ बैठ कर खाते हैं।
मतलब एकदम चिल्ल! 🙂

Friendship Peak from Vashisht Homestay
रोहतांग के नज़ारे, जादुई बालकनी से

और डिटेल में जानकारी चाहिए तो क्लिक कीजिए। 🙏🏽🤘🏽😁
बुक करने के लिए यहाँ जाइये – बावरे बंजारे होम, वशिष्ट

P.S – घर के बिल्कुल बगल से भृगु लेक और जोगणी फ़ॉल का रस्ता निकलता है।

ऐसे एक और अड्डे का पता: Lagom Stay – मनाली की भसड़ से दूर, बिलकुल घर जैसा होमस्टे

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