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सोशल मीडिया की भसड़ – अ बावरे बंजारे पर्सपेक्टिव | बिंदास भड़ास

आपको बेवकूफ़ बनाया जा रहा है – आपके समय, आपके अटेंशन को कितना हल्के में लिया जा रहा है ये भी सोचिए। और ये भी सोचिए कि अगर ऐसा ही रहा तो आपके सामने से आपकी कहानियां ग़ायब हो जाएंगी और एक विकृत, डिस्टॉर्टेड मानसिकता जो आज हमारी सच्चाई बन गई है, उसकी आग इन कहानियों में आपके हीरो बनने के अधिकार को लील जाएगी।

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Joana making a wall painting in India with Bawray Banjaray

Letters To Joanna – हैप्पी बर्थडे डीयर Joanna!

हैप्पी बर्थडे। हम जानते हैं कि तुम यह चिट्ठी पढ़ोगी। तुम्हें हिंदी का अ ब स भी नहीं पता है, तब भी तुम पढ़ोगी। तुम्हारे-हमारे समय में टेक्नोलॉजी जो है! हमारी तुम्हारी भाषा के बीच का अंतर ही खत्म कर दिया। पर समय और स्पेस का अंतर नहीं पाटा जा पाया है। अभी तो मुश्किल ही लगता है यह सोच पाना। तुम्हारे सनराइज़ का टाइम जो अलग है!

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सियाचिन ग्लेशियर – ख़्वाब तो हम Bawray Banjaray भी देखते है!

जब तक सरकार या आर्मी की ओर से कोई ऑफिसियल स्टेटमेंट नहीं आ जाता है तब तक बैठिये, मिल कर सियाचिन ग्लेशियर जाने के सपने देखते हैं. सपने से याद आया के साल्तोरो रिज पर खड़े हो कर कराकोरम रेंज को देखने का सपना तो हम भी देख रहे है. उस दिन का इंतज़ार रहेगा!

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Mohith Gowda near Sarchu on his wal from Manali to Kharadung La

Manali to Khardung La In 12 Days | Mohith Gowda Talks to Bawray Banjaray

We got a chance to talk to Mohith about his walk from Manali to Khardung La and tried to know what is it actually that drives young Indians like him to take up traveling as a means of self-exploration. Read on the full conversation:

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सैंज वैली वाला प्यार – लीलावती काकी और सिंह साहब

घर में बांकी और अनोखी चीजों में शामिल है 1910 के दशक की कटलरी, बीथोवन की Original Pastoral Symphonyऔर एक टाइगर की ममी – इसको असम से लाये थे सिंह साहब. घर में एक और टाइगर हैं — लीलावती काकी. सिंह साहब की दूसरी बीवी. यहीं की हैं, कद्दावर हैं, 70-80 डंगरे और कुछ बीसेक गायें संभालती हैं. खेत खलिहान भी हैं, वो भी यही देखती हैं. तारा सिंह जी- पहली बीवी और लीलावती काकी दोनों यहीं रहती हैं, साथ में.

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